जीका वायरस क्या है? Zika virus symptoms & treatment

जीका वायरस क्या है? जीका वायरस के लक्षण? जीका वायरस कैसे फैला? जीका वायरस का इलाज? (what is zika virus? Zika virus symptoms? how zika virus spread? Zika virus treatment?)

जैसा कि हम सभी जानते हैं, जिका वायरस के नाम से ही किसी भी वयक्ति के अंदर खौफ बन जाता है। ऐसा कोई भी वायरस नहीं है। जो मनुष्य के हित में हितकारी हो। ऐसे में जीका वायरस मनुष्य के लिए बहुत बड़ा साइड इफेक्ट फैलाने वाला वायरस माना जाता है। जीका वायरस के अनगिनत प्रकार होते हैं। जिसमें जिका वायरस का नाम आजकल के समय में सबसे तीव्र गति से लिया जा रहा है।

सबसे पहले आइए हम जीका वायरस के इतिहास के बारे में जान लेते हैं। जीका वायरस कहां से आया? जीका वायरस कैसे अपने प्रभाव से लोगों को प्रभावित करता है? जीका वायरस सबसे पहले कंहा देखा गया था? युगांडा देश में जीका नाम का एक बहुत बड़ा जंगल स्थित है। जिस में बंदरों की संख्या बहुत अधिक होती है। सबसे पहले जीका वायरस ईस्वी 1947 में युगांडा में स्थित जीका के जंगलों में बंदरों को अपने प्रभाव से प्रभावित किया था।

जीका वायरस मनुष्यों के लिए भी उतना ही खतरनाक है, जितना बंदरों के लिए। क्योंकि हम सब जानते हैं, कि मनुष्य के पूर्वज पहले बंदर हुआ करते थे। इसलिए मनुष्य और बंदरों की कई सारी शरीर की रचनाए एक जैसी हैं। जिसमे बहुत सारे ऐसे संवेदनशील अंग है, जो बंदर और मनुष्यों में एक दूसरे से मिलती है।

जीका वायरस ने मनुष्य को कब से प्रभावित किया? (When did the Zika virus affect humans?)

सन 1954 में पहली बार बंदरों का यह जीका वायरस मनुष्य में देखा गया था। हालांकि शुरुआती दौर में जीका वायरस मनुष्य को अपने प्रभाव से ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा था। इसलिए वैज्ञानिक और डॉक्टरों ने इस वायरस के लिए कोई खास तरह की वैक्सीन का निर्माण नहीं किया। शुरुआती समय में सब कुछ साधारण तरीके से चल रहा था। लेकिन आगे चलकर जीका वायरस के कारण कई मनुष्य को अपनी जान गवानी पड़ी। जिका वायरस किसी भी उम्र के लोगों को आसानी से अपने प्रभाव से प्रभावित कर देता है। जीका वायरस के फैलने का कोई खास समय और वर्ग निर्धारित नहीं किया गया है।

खासकर कम आयु के बच्चे और वृद्ध पुरुषों के लिए यह बहुत ज्यादा तकलीफ दायक होता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं। कम आयु के बच्चे और वृद्ध व्यक्तियों के अंदर रोग प्रतिकारक क्षमता बहुत कम होती है। ऐसे में अगर इन व्यक्तियों को अपने प्रभाव से प्रभावित करना शुरू कर दे। तो व्यक्तियों के लिए यह काफी तकलीफ दायक और प्राणघातक भी हो सकता है।

जीका वायरस के लक्षण क्या है? (What are the symptoms of Zika virus?)

आइये अब हम ज़ीका वायरस  के कुछ प्रमुख लक्षणों के बारे में जानते हैं। ज़ीका वायरस जिसके बारे में जानके आसानी से पता लगाया जा सकता है, कि यह सभी लक्षण जीका वायरस की है। जिका वायरस के दौरान व्यक्ति के शरीर में हमेशा बुखार बना रहता है। बुखार का उतार-चढ़ाव व्यक्ति के शरीर में बनता रहता है। बुखार के साथ साथ इंसान के शरीर में दाने आना, रेसे होना, लंबी लाल धागे के जैसा दिखाई देना। यह सभी जीका वायरस के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। साथ ही साथ जीका वायरस के दौरान व्यक्ति के आंखों में लाली आनी शुरू हो जाती है। दोनों आंखें लाल होना शुरू हो जाती है।

बदन दर्द (Body Ache)

जीका वायरस के लक्षणों में बदन दर्द भी एक प्रमुख लक्षण माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को जीका वायरस के लक्षण नजर आ रहे हैं। या जीका वायरस से ग्रसित है। तो ऐसे व्यक्ति के शरीर में हमेशा तेज दर्द बना रहता है। सुबह सोकर उठने के बाद शरीर स्थिर रहता है। शरीर के स्थिर रहने के साथ साथ शरीर के अंगों में बहुत भयानक तरीके का दर्द उत्पन्न हो जाता है। शरीर को हिलाना डुलाना भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही साथ सुबह सोकर उठने के बाद उल्टी और मतली जैसी समस्याएं उत्पन्न होने शुरू हो जाती है।

जीका वायरस केसे फैलता है? (How does the Zika virus spread?)

  1. मच्छर काटने से
  2. यौन के माध्यम से
  3. गर्भवती महिला के भ्रुण के माध्यम से

जीका वायरस से कैसे बचे? (How to avoid Zika virus?)

आजकल के समय में जीका वायरस से बचने का एकमात्र साधन सावधानी को माना जाता है। यदि व्यक्ति अपने शरीर और अपने वातावरण के प्रति सजग रहे तो वह जिका वायरस से आसानी से बच सकता है। वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के द्वारा भी यह कहा जाता है, कि जिका वायरस से बचने के लिए अपने आसपास साफ सफाई रखना अति आवश्यक है। अपने घर के आसपास गंदगी को जमा ना होने दे। ऐसे में गंदगी के कारण उत्पन्न होने वाले मच्छर भी जिका वायरस को फैलाने में मदद करते हैं।

आसपास सफाई रखे (Keep Clean Around)

जीका वायरस से बचने के लिए सबसे पहले अपने आसपास मच्छरों को जमा होने ना दें। अपने घर के आस पास अच्छे तरीके से साफ सफाई रखें। मच्छरों से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स यंत्र और मच्छरदानी का उपयोग करें। साथ ही साथ आप बाजार से मच्छर भगाने वाले बॉडी लोशन का भी उपयोग कर सकते हैं। यह वायरस फैलाने वाले सभी मच्छर खासकर सुबह शाम के समय में ज्यादा क्रियाशील होते हैं। ऐसे में आपको सुबह और शाम ज्यादा सजगता बरतने की जरूरत होती है। जीका वायरस की समस्या गर्भवती महिलाओं को भी हो सकती है। साथ ही साथ गर्भवती महिलाओं ने जीका वायरस की समस्या उत्पन्न होती है तो यह बच्चों के अंदर भी प्रभाव को फैला सकती है। अतः गर्भवती महिला को गर्भधारण करने के दौरान ज्यादा सावधानी रखनी आवश्यक है।

सुरक्षित यौन संबंध ( Safe Sex)

सबसे हैरान कर देने वाली बात जीका वायरस के बारे में यह माना जाता है। कि यह यौन संबंधों के द्वारा भी फैलता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं। कि एड्स की समस्या व्यक्ति के यौन संबंधों से ज्यादा फैलती है। ऐसे ही जिका वायरस की समस्या भी यदि असुरक्षित यौनसंबंध अपनाया जाए तो एक दूसरे व्यक्ति के अंदर फैल जाता है। जीका वायरस की समस्या को रोकने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना आवश्यक माना जाता है। ऐसे व्यक्ति जो जीका वायरस से संक्रमित है। उन्हें अपने सहयोगी के साथ सुरक्षित यौन संबंध बनाना लाभदायक होता है। यदि वह सुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाते हैं। तो उनके सहयोगी को भी जीका वायरस की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

जीका वायरस से प्रभावित होने के बाद गर्भवती महिलाओं के प्रसव के बाद उनके शिशुओं में कई प्रकार के असाधारण विकास को देखा जा सकता है। बच्चों में आकार के ऊपर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही साथ किसी अंग को इस रोग के कारण प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। जीका वायरस एक ऐसी समस्या है। जिसका सही समय पर ईलाज नहीं किया गया तो आगे चलकर घातक साबित होने लगता है।

जीका वायरस का इलाज (Treatment For Zika Virus)

आप सभी को अब मैं बहुत ही विशेष बात की जानकारी देने जा रहा हूं। आप सभी को मैंने जीका वायरस के बारे में लक्षण कारण बता चुका हूं। लेकिन आप सभी को यह जानकर बड़ा आश्चर्यहोगा कि अभी तक मेडिकल साइंस में जीका वायरस के किसी प्रकार की कोई दवाई नहीं बन पाई है। यदि किसी व्यक्ति को जिका वायरस की समस्या उत्पन्न हो रही है। तो उसे बस अपने आसपास के कुछ साफ सफाई और हमारे द्वारा तरीकों से ही बचा जा सकता है। ऐसे में इंसानों को अपने आसपास की साफ सफाई रखना अति आवश्यक है।

ऐसे व्यक्ति जिन्हें जीका वायरस की समस्या हो रही हो। ऐसे व्यक्ति को अधिक से अधिक मात्रा में आराम करना चाहिए। जीका वायरस से पीड़ित व्यक्ति को किसी प्रकार का कठोर काम नहीं करना चाहिए। अधिक मात्रा में श्रम करने से शरीर के अंदर कई प्रकार की अन्य समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। जैसा कि मैंने आप सभी को पहले ही बताया है, कि जीका वायरस यदि सही समय पर उपचारित नहीं किया गया तो यह आगे चलके काफी खतरनाक साबित होता है। ऐसे में जीका वायरस से पीड़ित व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में आराम करना चाहिए। अधिक मात्रा में आराम करना इन के लिए रामबाण औषधि माना जाता है।

जीका वायरस से पीड़ित व्यक्ति को अधिक से अधिक मात्रा में तरल भोज पदार्थों का सेवन करना चाहिए। तरल भोज पदार्थों के सेवन करने से जिका वायरस के दौरान इंसान को काफी लाभ प्राप्त होता है। तरल पदार्थों में खिचड़ी, दलिया, जौ का दलिया, जूस इत्यादिओं का सेवन करना चाहिए। जिससे जिका वायरस से पीड़ित व्यक्तियों के लिए लाभदायक होता है। जीका वायरस का यदि कोई भी लक्षण व्यक्ति के शरीर में नजर आ रहा हो तो उन्हें तुरंत आसपास के किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक माना जाता है। यदि जीका वायरस के प्रति व्यक्ति सतर्क रहे तो इसे कम समय में ही सही किया जा सकता है।

जिका वायरस से प्रारंभिक उपचार करने के लिए तरल पदार्थों का भोजन का सेवन करें। हरि साग सब्जियों का सेवन करें। फल-फूल जूस इत्यादिओं का भरपूर मात्रा में सेवन करें। यह सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ इंसान के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। ऐसे में जीका वायरस की प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। लगातार इस नुस्खे का उपयोग करके शरीर के अंदर जीका रोग को धीरे-धीरे समाप्त किया जा सकता है।

जीका वायरस के रोग से प्रभावित लोगों को अधिक से अधिक मात्रा में पौष्टिक तत्वों का सेवन करना चाहिए। साथ ही साथ जितनी अधिक मात्रा में पौष्टिक तत्वों का सेवन किया जाएगा हमारे शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात्रा में बढ़ा सकते हैं। अगर हमारे शरीर के अंदर रोग होती है तो शरीर के अंदर छोटे छोटे रोगो को स्वत समाप्त करने में मदद करती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अभी के बदलते समय में व्यक्ति को प्रत्येक रोगों की जानकारी अति आवश्यक है। यदि व्यक्ति के पास रोगों की जानकारी होती है। तो वह शुरुआती उपचार अपने आप भी कर सकते हैं। अगर समय पर किसी भी रोग का शुरुआती उपचार किया जाए, तो उस रोग को अति शीघ्र खत्म करने में मदद मिलती है।

आज के द्वारा दिए गए जानकारी का एकमात्र उद्देश्य यही है कि आप सभी को zika virus के रोग के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हो सके। साधारण सा दिखने वाला यह रोग कभी कभी इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। महिलाएं  में यदि ज़ीका रोग की समस्या उत्पन्न हो जाती है। तो शिशु के जन्म लेने के बाद भी इनमें कई तरह की परेशानियों को देखा जा सकता है।

यदि आप सभी को मेरे द्वारा जीका रोग के बारे में दिया गया यह जानकारी पसंद आया हो तो आप अपने दोस्त और परिवारों के साथ इस लेख को अवश्य शेयर करे। जिससे ज्यादातर लोगों को जीका वायरस के रोग के बारे में पता नहीं है। ऐसे में आपके द्वारा शेयर करने से यह जानकारी कई अन्य लोगों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। साथ ही साथ यदि आप जीका वायरस के बारे में कुछ प्रश्न पूछना चाहते हैं। या आप जिका वायरस के दिए गए इस जानकारी के बारे में कुछ बताना चाहते हैं। तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

FAQ

जीका वायरस के लक्षण क्या क्या है?

मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, आंख का दर्द, थकान या बेचैनी, पेट में दर्द, हल्का बुखार, जोड़ों का दर्द, विशेष रूप से हाथों या पैरों में आदि जीका वायरस के लक्षण है।

जीका वायरस कैसे फैलता है?

जीका वायरस मच्छर काटने से यौन के माध्यम से गर्भवती महिला के भ्रुण के माध्यम से फैलता है।

जीका वायरस से कैसे बचे?

वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के द्वारा यह कहा गया है, कि जिका वायरस से बचने के लिए अपने आसपास साफ सफाई रखना अति आवश्यक है। जीका वायरस से बचने के लिए अपने घर के आसपास गंदगी को जमा ना होने दे। क्योंकि गंदगी के कारण उत्पन्न होने वाले मच्छर भी जिका वायरस को फैलाने में मदद करते हैं।

जीका वायरस सबसे पहले किस देश में पाया गया?

जीका वायरस सबसे पहले युगांडा में स्थित जीका जंगल में बंदरों में पाया गया था।

जीका वायरस किस मच्छर के काटने से फैलता है?

जीका वायरस मुख्य रूप से एडीस जीनस के एक संक्रमित मच्छर के काटने से लोगों में फैलता है।

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